प्रश्नावली:- अध्याय:-5- (यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय ) Introduction To Euclid’s Geometry- प्रश्नावली:-5.2

प्रश्न.1 (Q 1) आप युक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा को किस प्रकार लिखेंगे, ताकि वह सरलता से समझी जा सके?

Ans

जब दो सीधी रेखा को एक सीधी रेखा इस प्रकार प्रतिच्छेद करे कि उससे बने एक हीं ओर के अंत:कोणों का योग  1800 से कम हो तो इस प्रकार की सरल रेखाओं को अनिश्चित रूप से बढ़ाने पर वह उसी ओर मिलती है जिस ओर के अंत:कोणों का योग दो समकोण से कम होता है।

उदाहरण:-

A और B दो सीधी रेखाएँ हैं,  जिन्हें  रेखा C प्रतिच्छेद करती है जिससे बने एक हीं ओर के अंत:कोणों (∠1+∠2) का योग 1800  से कम है।

जब  A और B रेखाओं को दोनों ओर बढ़ाया गया तो ये उसी ओर मिल रही है जिधर के अंत: कोणों का योग 1800 से कम है।

प्रश्न.2 (Q 2 ) क्या युक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा से समांतर रेखाओं के अस्तित्त्व का औचित्य निर्धारित होता है? स्पष्ट कीजिए। 

Ans

हाँ , युक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा से समांतर रेखाओं के अस्तित्त्व का औचित्य निर्धारित होता है । क्योंकि :-

  • यदि दो रेखाओं को यदि तीसरी रेखा प्रतिच्छेद करे और उससे बने अंत: कोणों का योग 1800  से कम है तो ऐसी रेखाओं को बढ़ाये जाने पर ये एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती है।
  • यदि दो रेखाओं को यदि तीसरी रेखा प्रतिच्छेद करे और उससे बने अंत: कोणोंका योग 1800  है तो ऐसी रेखाओं को बढ़ाये जाने पर ये एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती है। अर्थात् दोनों रेखाएँ समांतर होती है।और समांतर रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती है।

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